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Happy Holi 2020 :।।जाने भारत में कब और क्यों मनाया जाता है होली का त्यौहार।।

Happy Holi 2020 :।।जाने भारत में कब और क्यों मनाया जाता है होली का त्यौहार।।


होली रंगो का त्यौहार नहीं   बल्कि खुशियां और स्नेह प्रेम बांटने का त्यौहार है यह त्यौहार आपस में भेदभाव मिटाकर एक दूसरे के साथ प्रेम से मिलकर रहने का त्योहार है यह त्यौहार भारत में हिंदुओं के द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन भारत एक विविधताओं का देश है जहां पर हर जाति धर्म के लोग हर त्यौहार को मिलजुलकर बनाते हैं इस दीवार में हर व्यक्ति एक दूसरे के रंग गुलाल लगाकर अपना स्नेह प्रेम प्रकट करता है भारत अपने इस रंगो के त्योहार से पूरे भारत को नहीं बल्कि पूरे विश्व को भी अपनी और आकर्षित करता है।।


Happy-Holi-2020-When-and-why-is-the-festival-of-Holi-celebrated-in-India.
 Happy-Holi-2020



।।।जाने भारत में कब मनाया जाता है होली का त्यौहार।।

"हमारे भारतीय कैलेंडर के अनुसार होली पर्व हर वर्ष वसंत ऋतु को फाल्गुन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है"
"अंग्रेजी महीने के कैलेंडर के अनुसार होलिका दहन 9 मार्च को है और 10 मार्च को होली होली का पर्व है"
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।।। जाने भारत में क्यों मनाया जाता है होली का त्योहार।।।

"होली के पर्व में होलिका के दहन का एक महत्वपूर्ण स्थान हैहोलिका दहन की कहानी बहुत ही प्रसिद्ध और प्राचीन है भारतीय प्राचीन काल में एक हिरना कश्यप नाम का एक राक्षस हुआ था वह  बहुत ही पापी था वह खुद को भगवान मानता था जो भी उसे मानने से  इंकार करता था   उसे वह कड़ी से कड़ी  सजा देता था उस समय  का वह बहुत ही बड़ा पापी शैतान हुआ करता था 

 हिरना  कश्यप का एक पुत्र था उसका   नाम प्रह्लाद था  वे सदैव ईश्वर (श्री हरी) की पूजा अर्चना करता  था। 
और अपने पिता कों कभी भगवान नहीं मानता था
हरना कश्यप की एक बहन थी जिसका   नाम होलिका था होलिका ने अपने जप- तप से अग्नि से ना जलने का वरदान प्राप्त कर लिया था।
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जब  हीरना  कश्यप को यह पता चला कि उसी के पुत्र ने उसी को भगवान मानने से इंकार कर दिया है और अपने ईश्वर श्रीहरि को ही भगवान मानता है। उसी का गुणगान करता है l
तब हिरना कश्यप ने क्रोध में आकर  हीरनाकश्यप को यह पता चला कि उसी के पुत्र ने उसी को भगवान मानने से इंकार कर दिया है और अपने ईश्वर श्रीहरि को ही भगवान मानता है। उसी का गुणगान करता है l
तब हिरना कश्यप ने क्रोध में आकर श्री हरि के नाम के जाप को छुड़ाने के बहुत प्रयास किय परंतु सारे प्रयास असफल रहे।
अंतत उसने फैसला लिया कि प्रह्लाद को होलिका की गोद में बिठा कर जला दिया जाए
जब होलिका और प्रहलाद को एक साथ बिठाकर जलाया गया तो प्रह्लाद श्री हरि का नाम लेते रहे और उनकी कृपा से बच गए लेकिन होलिका अपने वरदान का  गलत उपयोग कर रही थी जिसके कारण होलिका का दहन हो गयाऔर प्रह्लाद बच गए। उसी दिन से होलि का त्योहार अस्तित्व में आया।
और आज भी होली के 1 दिन पहले होलिका का दहन किया जाता है और इसके आगे वाले दिन होली को सभी एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर इसे मनाते हैं


।।होलिका दहन के अलावा होली त्यौहार की ओर  भी पुरानी कथाएं हैं जैसे राधा कृष्ण के रास और काम धेनु के पूर्ण जन्म से जुड़ा हुआ है।।

वैसे तो हमारे देश में होली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है लेकिन कुछ ऐसी खास जगह बना ब्रिज मथुरा वृंदावन की बरसाने की लठ मार होली श्रीनाथजी कासी आदि की होलि प्रख्यात मानी जाती है
भारत के कई प्रांतों में होली 5 दिनों तक बनाई जाती है जो होलिका के साथ शुरू होकर रंग पंचमी तक खत्म होती है।


।।जाने इस त्यौहार का नाम होली क्यों पड़ा।।

जब प्राचीन काल में विवाहित औरतें अपने परिवार के सुख समृद्धि के लिए पूर्ण चंद्र की पूजा करती थी जिसे वैदिक काल में नव ट्रस्टी यज्ञ के नाम से जाना जाता था।खेत में अध्ध पक्के अन को दान करके प्रसाद लेने का विधान समाज में व्याप्त था उस समय अंन को होली भी कहते थे।और इसी के कारण इसका नाम होली रखा गया था

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।।जाने होली में रंगों का उपयोग कैसे  होने लगा।।

प्राचीन काल काल में पूतना ने भगवान श्री कृष्ण को मारने का प्रयास किया था लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने पूतना का वध कर दिया था जिसकी खुशी में गोपियों और गोपालो ने रासलीला की थी इसके बाद सब ने एक दूसरे के साथ रंग    खेला  और रंग खेलने की शुरुआत सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण की थी।।


।।जाने किस तरह होली का त्योहार मनाया जाता है।।


पहले दिन होलिका का दहन किया जाता है जिसमें लकड़ियों और दूसरे चलने वाली चीजों कुंड बना कर जलाया जाता है और नगाड़े बजाए जाते हैं और उसके अगले दिन होली खेलने यानी एक दूसरे के चेहरे पर गुलाल अभीर रंग लगाए जाते हैं।चारों तरफ हर्षोल्लास और खुशियों का माहौल होता है। और कार्यक्रम दोपहर तक चलता है इसके बाद श्याम को लोग अपनी जान पहचान के लोगों के साथ मिलते हैं  आपस में मिठाइयां बांटते हैं और अपना प्यार भी बांटते हैं।
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।।जाने होली के मुख्य पकवान।।


वैसे तो होली का मुख्य पकवान गुजिया है लेकिन इसके अलावा ठंडाई मालपुआ खीर दही बड़ा समोसे कचोरी आदि बनाया जाता है।।


।।जाने भारत में होली का क्या महत्व है।।

होली का त्यौहार हर किसी के जीवन में बहुत ही महत्व रखता है होलिका दहन के रूप पाप पर  पुण्य की जित होती है।हिंदू धर्म के अनुसार यहीं से नववर्ष  आरंभ होता है।

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