जाने साहिल ने कैसे चुनोतियो को सफलता में बदला !! Success story of sahil kapil

हेलो मेरा नाम हिमांशी है आज मैं आपको एक ऐसे लड़के के बारे में बताने जा रही हूं जिसके बारे में अपनी सुना भी होगा और नहीं भी स्टार्ट करने से पहले मैं आपको एक  जानकारी देना चाहती हूं दुनिया में दो तरीके के लोग होते हैं एक जिनके पास सब कुछ होता है और एक जिनके पास कुछ  नहीं होता है और वह अपनी पहचान अपने बलबूते बनाते हैं आज मैं उसी शख्स के बारे में बताऊंगी जिसने अपनी पहचान अपने बलबूते बनाई और अपनी स्किल्स का कैसे यूज करके सफलता प्राप्त की !

 नाम- साहिल कपिल 

 स्थान- चंडीगढ़

 प्रोफेशन- आर्टिस्ट

                                            


                                   



 आइए जानते हैं साहिल की नई शुरुआत के बारे में-:

जब साहिल छोटे थे तब उनकी  माता की तबीयत काफी खराब रहती थी!  जिसके कारण उनको उनका इलाज कराने के लिए उन्हें चंडीगढ़ आना पड़ा! उनके पिताजी चंडीगढ़ में नौकरी किया करते थे एक बार के अंदर 1 दिन उनकी माता की तबीयत काफी खराब हो गई जिसकी वजह से उनको हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा और डॉक्टरों ने बोल दिया था कि  इनका बचना मुश्किल है!  और अगले ही दिन शाहिद के पिता की नौकरी चली गई! 

उसके बाद  साहिल के पिता काफी परेशान रहने लगे यह हालात देखकर साहिल के बड़े भाई वेटर की नौकरी करने लगे क्योंकि उस समय उनके पास आने को पैसा नहीं था और जो पढ़ाई साहिल कर रहा था उसकी फीस  का भी पैसा नहीं था! एक दिन उसके पिताजी को जब यह पता चला कि मेरा बेटा एक वेटर की नौकरी कर रहा है तब वह काफी परेशान हो गए फिर उन्होंने साहिल के बड़े भाई से पूछा कि बेटा यह क्यों कर रहे हो तो उनके बड़े भाई ने जवाब दिया कि मैं आपको ऐसे हालातों में नहीं देख सकता मैं आपको सपोर्ट करना चाहता हूं!

 यह सुनकर उनके पिताजी ने उन दोनों से बोला कि बेटा मैं तुम दोनों को यह काम करवाने के लिए नहीं लाया था मैं तुम दोनों  की पढ़ाई के लिए और एक अच्छा आदमी बड़ा इंसान बनाने के लिए यहां पर लाया था! जिससे कि तुम अच्छी पढ़ाई करो और एक अच्छे इंसान बनो यह सुनकर साहिल को महसूस हुआ कि  अब मेरे को कुछ अच्छा करना है! जब वह अपनी ग्रेजुएशन कर रहे थे उसी दौरान उन्हें एक वर्ल्ड  स्किल  के बारे में पता चला.!

वर्ल्ड स्किल  1 पेंटिंग और डेकोरेशन का कंपटीशन success story :-

वर्ल्ड स्किल  1 पेंटिंग और डेकोरेशन का कंपटीशन होता हैऔर  साहिल को इस  स्किल के बारे में कुछ भी नहीं पता था कि इसमें कितने कंपटीशन होते हैं कैसे होता है क्या करना होता है! वह इसके बाद उन्होंने इस कंपटीशन को ज्वाइन करा और धीरे-धीरे उन्हें जानकारियां प्राप्त होने लगी.फिर वह एक जोनल लेवल पर पहुंच गए. 

एक दिन उनके एक टीचर आया उन्होंने बोला-  कि साहिल अगर तुम इस कंपटीशन को  जीत जाते हो तो आप अपने भारत को इंटरनेशनल लेवल पर रिप्रेजेंट कर सकते हो. यह बात सुनकर साहिल को काफी जोश आ गया और उनके दिमाग में यह बात बैठ गई कि मेरे को यह कंपटीशन जैसे तैसे जीतना है.

 फिर वह रीजनल  और स्टेट लेवल पर कंपटीशन जीत गए उसके बाद वह नेशनल के लिए सिलेक्ट हो गए. सिलेक्ट होने के बाद उन्हें एक इंस्टिट्यूट  से ट्रेनिंग लेनी  थी- इंस्टिट्यूट में उन्हें बहुत अच्छी तरह से समझाया जाता था कि कैसे आप इंटरनेशनल पर जाकर कैसे  पेंटिंग  सब कर सकते हो!

ट्रेनिंग स्टार्ट करने के कुछ दिन पहले वह एक इंडिया के  एक्सपर्ट से मिले  थे. उसके अगले दिन साहिल का एक एक्सीडेंट हो गया.


आइए जानते हैं साहिल के एक्सीडेंट होने के बाद क्या हुआ-:

साहिल का जब एक्सीडेंट हुआ  तब उनका  सीधे हाथ  की हड्डियों में फ्रैक्चर आ गया था. उसके बाद साहिल के पास दो रास्ते थे किया तो वह कंपटीशन को छोड़ दें, या वह अगले दिन ट्रेनिंग के लिए चले जाए. उन्होंने बिना किसी परवाह करें वह अगले दिन कोलकाता ट्रेनिंग के लिए चले गए. जब वहां पहुंचे तो वहां के एक्सपर्ट ने उनसे पूछा कि साहिल यह तुम्हारे हाथ में क्या हुआ तब साहिल ने बताया कि मेरा एक्सीडेंट हो गया था और एक्सपर्ट ने बोला कि तुम्हें यह कंपटीशन छोड़ देना चाहिए.

साहिल ने बोला नहीं मैं इसको देखकर कर लूंगा. तीन-चार दिन ऐसे ही  बीत गए. उसके बाद साहिल को महसूस होने लगा कि मैं काफी पीछे चल रहा हूं क्लास के स्टूडेंट से  फिर उन्होंने अपना हाथ का यूज करना स्टार्ट किया  वह काम करते थे  उन्हें काफी दर्द होता था. लेकिन उन्होंने अपने दर्द को नजरअंदाज करके अपना काम किया और अगले ही दिन ट्रेनिंग खत्म होते ही घर आ गए.

 जब वह घर आए तो सबसे पहले अपने डॉक्टर के पास गए डॉक्टर को बोला कि डॉक्टर मेरा यह प्लास्टर खोल दो क्योंकि मेरा 2 दिन बाद कंपटीशन है डॉक्टर ने जवाब दिया यह प्लास्टर एक हफ्ते तक नहीं खोल सकते हो आप अगर आपने अभी खोल दिया तो आपका हाथ थोड़े सालों बाद काम करना बंद कर देगा.

 लेकिन साहिल ने हार नहीं मानी साहिल ने कंपटीशन से 2 दिन पहले गर्म पानी के अंदर सिकाई  करी! फिर वह  2 दिन के बाद कंपटीशन के लिए दिल्ली रवाना हो गए.

 उस कंपटीशन में किसी भी प्रकार का प्लास्टर या  खरोच हाथ पर अलाउड नहीं थी. उन्होंने जैसे तैसे करके दो कंपटीशन निकाले और वह तीसरे कंपटीशन में पहुंच गए जब वह तीसरे कंपटीशन में जा रहे थे तो उनका हाथ एकदम ही जाम होने लगा उन्हें काफी दर्द हुआ. लेकिन वह फिर भी उस कंपटीशन में भाग लिया और एंड में जाकर वह जीत गए वह दिन साहिल के लिए और साहिल की फैमिली के लिए बहुत गर्व का दिन था.

आइए जानते हैं कि उस कंपटीशन के बाद साहिल ने क्या किया-:

 साहिल ने धीरे-धीरे बॉलीवुड  सितारों के स्केच बनाने  स्टार्ट  किए. और वह धीरे-धीरे हॉलीवुड के सितारों के, हॉलीवुड के  फिल्मों के एक्टरों के  और मोटिवेशन  के ऊपर स्केचिंग करने लगे  और उन्हें दो हजार अट्ठारह में सिल्वर मेडल भी मिला  है  और उन्हें 75हजार  के राशि भी प्राप्त हुई. उनका दैनिक भास्कर जैसे  न्यूज़पेपर में  उनका इंटरव्यू दिखाया गया है जिसमें कि उन्होंने अपने बारे में काफी चीजें बताई है  के स्केचिंग के लिए  क्या चीजें जरूरी है उन्होंने इस  सक्सेस  को पाकर यह साबित कर दिया  कि कोई भी इंसान मेहनत करके अपने सपने जरूर पूरे कर सकता  है.

जैसा कि आपने हमारे आर्टिकल में पढ़ा साहिल ने  कैसे अपने दर्द को बुलाकर अपना सपना पूरा किया. ऐसे ही आप अपनी लाइफ में सब कुछ हासिल कर सकते हो अगर आप ठान लो तो और आपको कभी भी  अपनी लाइफ में हार नहीं माननी है हमेशा अपने सपनों पर अपने इरादों  पर डटे रहना है.

साहिल को आप इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते है @india_ka_painter  

 दोस्तों अगर आप भी ऐसे ही अपनी जिंदगी में कुछ बनना चाहते हैं या अपनी जिंदगी को कुछ बनाना चाहते हैं या अपना खुद का  बिज़नस या घर बैठे  काम करना चाहते हैं बिना  बाहर जाए तो आप मेरी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर विजिट कर सकते हैं और जो भी आपका  सवाल हो मेरे से वहां पर पूछ सकते हैं.


 धन्यवाद अगर आप ऐसे ही हमारे  सक्सेस  आर्टिकल पढ़ना चाहते हैं और ऐसे ही मोटिवेट होना चाहते हैं तो आप हमारे पिछले आर्टिकल पर विजिट करिए. आपका दिन शुभ हो!

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